
आंखो की नमी अभी सूखी भी नहीं,
यादों का आंचल अभी थमा भी नहीं,
कि इस दिल को याद वो आने लगे,
अब आंखों में मेरी, उन पलों की याद है,
मानो जैसे कल की ही बात है।
साया जो मेरा, सदा से मेरे साथ है,
अब साथ वो भी छोड़ने लगा है, क्योंकि...
अतीत का साया मेरे असतित्व को घेरने लगा है,
लेकिन, साया तो मेरे साथ है,
मानो जैसे कल की ही बात है।
अब जी रहा हूं तो इस शर्त पर,
कि जान दे नहीं सकता, वादा जो किया था उस जान से,
लेकिन, जिंदा रह नहीं सकता, यादों के उस तूफान से,
क्योंकि, वो ख्वाबों में अब भी मेरे साथ है,
मानो जैसे कल की ही बात है।
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